जनवरी–सितंबर 1066
एक साल, ताज के तीन दावेदार
जनवरी 1066 में इंग्लैंड के राजा एडवर्ड द कन्फ़ेसर (Edward the Confessor) बिना संतान के मर गए। तुरंत तीन लोगों ने गद्दी पर दावा किया:
- हैरल्ड गॉडविनसन (Harold Godwinson), इंग्लैंड के सबसे शक्तिशाली सामंत, जिनका तुरंत हैरल्ड द्वितीय (Harold II) के रूप में राज्याभिषेक हुआ।
- हैराल्ड हार्ड्राडा (Harald Hardrada), नॉर्वे के राजा और एक वाइकिंग योद्धा।
- विलियम (William), नॉर्मंडी के ड्यूक (Duke of Normandy); नॉर्मंडी आज के उत्तरी फ़्रांस का एक इलाक़ा है। उनका कहना था कि एडवर्ड ने बरसों पहले उनसे ताज का वादा किया था।
सितंबर में नॉर्वे के लोग सबसे पहले, उत्तर में उतरे। हैरल्ड द्वितीय अपनी सेना लेकर उनका सामना करने उत्तर गए और स्टैमफ़र्ड ब्रिज (Stamford Bridge) पर जीत गए। कुछ ही दिन बाद विलियम की सेना दक्षिणी तट पर आ उतरी, और हैरल्ड को अपने थके हुए सैनिकों को लेकर जल्दी-जल्दी पूरे रास्ते वापस दक्षिण लौटना पड़ा।