स्टुअर्ट राजवंश: गृहयुद्ध, लंदन की भीषण आग और गौरवशाली क्रांति
एक राजा पर उसकी अपनी संसद मुक़दमा चलाती है और उसका सिर काट दिया जाता है। ग्यारह साल बाद उसके बेटे को राजा बनने के लिए वापस बुलाया जाता है। उसके तीस साल से भी कम समय बाद, संसद विदेश से एक पति-पत्नी को राजा और रानी बनाकर लाती है, एक शर्त पर: अब से राजा या रानी को संसद की बात सुननी होगी।
स्टुअर्ट राजवंश (the Stuarts) के लगभग सौ वर्षों में ब्रिटेन "राजा तय करता है" से "संसद तय करती है" की ओर बढ़ा। इस रास्ते में एक महामारी आई, एक आग आई जिसने आधा लंदन जला दिया, और न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत भी आया।
1603स्कॉटलैंड का जेम्स षष्ठ (James VI) इंग्लैंड का जेम्स प्रथम (James I) भी बनता है
1611बाइबल का किंग जेम्स संस्करण प्रकाशित होता है
1642अंग्रेज़ी गृहयुद्ध (English Civil War) शुरू होता है: कैवेलियर बनाम राउंडहेड
1649चार्ल्स प्रथम (Charles I) को मौत की सज़ा दी जाती है और इंग्लैंड गणराज्य बन जाता है
1660पुनर्स्थापना (the Restoration): चार्ल्स द्वितीय (Charles II) घर लौटकर राजा बनता है
1665–66भीषण प्लेग और लंदन की भीषण आग
1679हेबियस कॉर्पस अधिनियम
1688गौरवशाली क्रांति (Glorious Revolution): ऑरेंज का विलियम जेम्स द्वितीय की जगह लेता है
1689बिल ऑफ़ राइट्स, संवैधानिक राजतंत्र की शुरुआत
1707एक्ट ऑफ़ यूनियन से ग्रेट ब्रिटेन राज्य (Kingdom of Great Britain) बनता है
1714रानी ऐन की मृत्यु होती है और स्टुअर्ट काल समाप्त होता है
स्टुअर्ट वंशवृक्ष। लाल अंक बताते हैं कि उन्होंने किस क्रम में राज किया, और बीच की गहरी लाल पट्टी बिना राजा वाले 11 वर्षों को दिखाती है।
1603: एक राजा, दो मुकुट
एलिज़ाबेथ प्रथम (Elizabeth I) ने कभी शादी नहीं की, और 1603 में जब उसकी मृत्यु हुई तो उसकी कोई संतान नहीं थी। गद्दी उसके एक रिश्तेदार को मिली: मैरी, क्वीन ऑफ़ स्कॉट्स (Mary, Queen of Scots) का बेटा, जो पहले से ही स्कॉटलैंड का राजा जेम्स षष्ठ था। उसी समय उसने इंग्लैंड, वेल्स और आयरलैंड के मुकुट भी ले लिए, जहाँ वह जेम्स प्रथम के नाम से जाना गया।
तब से इंग्लैंड और स्कॉटलैंड का राजा एक ही था, लेकिन स्कॉटलैंड फिर भी एक अलग देश था, जिसकी अपनी संसद और अपने क़ानून थे। अपनी माँ के विपरीत, जेम्स प्रथम प्रोटेस्टेंट था।
इसीलिए एक ही व्यक्ति के दो अंक हैं। स्कॉटलैंड में पहले ही जेम्स नाम के पाँच राजा हो चुके थे, लेकिन इंग्लैंड में एक भी नहीं हुआ था, इसलिए वह स्कॉटलैंड में "षष्ठ" (छठा) था और इंग्लैंड में "प्रथम"। आगे भी ऐसा कुछ बार और होता है, इसलिए इसे ध्यान से याद रखें।
किंग जेम्स बाइबल
जेम्स प्रथम के शासन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी बाइबल का नया अंग्रेज़ी अनुवाद। यह किंग जेम्स संस्करण (King James Version) है, जिसे अधिकृत संस्करण (Authorised Version) भी कहते हैं, और यह 1611 में प्रकाशित हुआ। यह अंग्रेज़ी की पहली बाइबल नहीं थी, लेकिन बहुत से प्रोटेस्टेंट चर्च आज भी इसका उपयोग करते हैं।
इसकी छपाई हमेशा ठीक-ठाक नहीं रही। 1631 में लंदन के एक मुद्रक ने एक नया संस्करण छापा, लेकिन दस आज्ञाओं (Ten Commandments) में से एक से "not" (नहीं) शब्द छूट गया, जिससे पाठकों को लिखा मिला "Thou shalt commit adultery" (तुम व्यभिचार करोगे, यानी अपने पति या पत्नी से बेवफ़ाई करोगे)। यह संस्करण "दुष्ट बाइबल" (Wicked Bible) के नाम से मशहूर हुआ। मुद्रकों पर भारी जुर्माना लगाया गया, ज़्यादातर प्रतियाँ नष्ट कर दी गईं, और आज बस गिनी-चुनी प्रतियाँ बची हैं।
गनपाउडर प्लॉट और यूनियन फ़्लैग
1605 में कैथोलिकों के एक समूह ने संसद भवन (Houses of Parliament) को उड़ाने और प्रोटेस्टेंट राजा जेम्स प्रथम को मारने की योजना बनाई। योजना नाकाम रही, और बारूद की रखवाली कर रहा गाय फ़ॉक्स (Guy Fawkes) मौक़े पर ही पकड़ा गया। ब्रिटेन में लोग आज भी हर 5 नवंबर को बॉनफ़ायर नाइट (Bonfire Night) पर आतिशबाज़ी के साथ इसे याद करते हैं।
1606 में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के झंडों को मिलाकर पहला यूनियन फ़्लैग (Union Flag) बनाया गया। इसमें वेल्स का लाल ड्रैगन नहीं है, क्योंकि तब तक वेल्स हेनरी अष्टम के क़ानूनों से पहले ही इंग्लैंड से जुड़ चुका था, जिनके बारे में आपने पिछले अध्याय में पढ़ा।
क्विज़
After Elizabeth I's death in 1603, which ruler inherited her throne and was known in England as James I?
प्रश्न हिंदी में1603 में एलिज़ाबेथ प्रथम की मृत्यु के बाद किस शासक को उसकी गद्दी मिली और वह इंग्लैंड में जेम्स प्रथम के नाम से जाना गया?
स्कॉटलैंड का जेम्स षष्ठ और इंग्लैंड का जेम्स प्रथम एक ही व्यक्ति था, और वह मैरी, क्वीन ऑफ़ स्कॉट्स का बेटा था। ऑरेंज का विलियम (William of Orange) 1688 से जुड़ा है, जबकि रॉबर्ट द ब्रूस (Robert the Bruce) और हेनरी ट्यूडर (Henry Tudor) मध्य युग के व्यक्ति हैं।
क्विज़
Which of the following statements is correct?
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है? A: किंग जेम्स संस्करण बाइबल का अंग्रेज़ी अनुवाद है, जिसका उपयोग आज भी बहुत से प्रोटेस्टेंट चर्चों में होता है। B: किंग जेम्स संस्करण बाइबल का अंग्रेज़ी में सबसे पहला अनुवाद था।
किंग जेम्स संस्करण पहली अंग्रेज़ी बाइबल नहीं था, हालाँकि बहुत से प्रोटेस्टेंट चर्च आज भी इसका उपयोग करते हैं। "पहला नहीं था" जैसी बारीकियाँ अक्सर जाल बनती हैं।
आयरलैंड: अल्स्टर की बस्तियाँ
जेम्स प्रथम का तीसरा राज्य, आयरलैंड, अब भी ज़्यादातर कैथोलिक था, और ट्यूडरों की प्रोटेस्टेंट धर्म थोपने की कोशिशों से वहाँ गहरा ग़ुस्सा था। एलिज़ाबेथ प्रथम और जेम्स प्रथम के समय बहुत से आयरिश लोगों ने इंग्लैंड की प्रोटेस्टेंट सरकार के शासन का विरोध किया, और कई विद्रोह हुए। अंग्रेज़ी सरकार का जवाब यह था कि उसने स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के प्रोटेस्टेंटों को आयरलैंड के उत्तर में अल्स्टर (Ulster) जाकर बसने और कैथोलिक ज़मींदारों की ज़मीन लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
इन नई बस्तियों को प्लांटेशन (plantations) कहा गया। नए आने वालों में बहुत से दक्षिण-पश्चिमी स्कॉटलैंड से थे, और कुछ ज़मीन लंदन की कंपनियों को दी गई। बाद में जेम्स प्रथम ने आयरलैंड के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी ही बस्तियाँ बसाईं। इन बस्तियों ने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड के लिए गहरी समस्याएँ पैदा कीं जो सदियों तक चलीं।
लंदन शहर (City of London) के व्यापारी संघों (गिल्ड्स) ने इन बस्तियों के लिए पैसा दिया, इसलिए 1613 में आयरलैंड के उत्तर में डेरी (Derry) शहर का नाम बदलकर "लंडनडेरी" (Londonderry) कर दिया गया। आज भी कोई व्यक्ति कौन-सा नाम चुनता है, उससे अक्सर उसकी राजनीति का पता चलता है, और ये बस्तियाँ उत्तरी आयरलैंड (Northern Ireland) में प्रोटेस्टेंटों और कैथोलिकों के बीच के विभाजन की जड़ों में से एक हैं।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE?
Under Elizabeth I and James I, Protestant settlers from Scotland and England were encouraged to settle in Ulster, taking land from Catholic landholders.
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: एलिज़ाबेथ प्रथम और जेम्स प्रथम के समय स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के प्रोटेस्टेंट बसने वालों को कैथोलिक ज़मींदारों की ज़मीन लेकर अल्स्टर (Ulster) में बसने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सही: यही अल्स्टर की बस्तियाँ (प्लांटेशन) थीं। ध्यान दें कि बसने वाले प्रोटेस्टेंट थे और जिन ज़मींदारों की ज़मीन गई वे कैथोलिक थे। अगर कोई प्रश्न इन्हें उलट दे, तो कथन ग़लत है।
राजा बनाम संसद: राजाओं का दैवी अधिकार
इंग्लैंड में इस बात पर एक बड़ा संघर्ष तैयार हो रहा था कि असली सत्ता किसके पास है: राजा के पास या संसद के पास। एलिज़ाबेथ प्रथम संसद को सँभालने में बहुत कुशल थी। जैसे-जैसे हाउस ऑफ़ कॉमन्स (House of Commons) ज़्यादा प्रोटेस्टेंट होता गया, वह जानती थी कि अपनी इच्छा, हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स (House of Lords) की इच्छा और हाउस ऑफ़ कॉमन्स की इच्छा के बीच कैसे रास्ता निकाला जाए।
उसके बाद आए राजा इतने कुशल नहीं थे। जेम्स प्रथम और उसका बेटा चार्ल्स प्रथम दोनों राजाओं के दैवी अधिकार (Divine Right of Kings) में विश्वास करते थे: यह विचार कि राजा को ख़ुद ईश्वर चुनता है, इसलिए राजा को अपने किसी भी काम के लिए संसद की अनुमति की ज़रूरत नहीं।
चार्ल्स प्रथम, जो इंग्लैंड, वेल्स, आयरलैंड और स्कॉटलैंड का राजा बना, ठीक इसी तरह राज करता था। जब संसद उसकी धार्मिक और विदेश नीतियों से असहमत हुई, तो उसने संसद बुलाना ही बंद कर दिया। 11 साल तक उसने संसद की मंज़ूरी के बिना पैसा जुटाने का हर संभव तरीक़ा आज़माया, जब तक कि स्कॉटलैंड की परेशानी ने उसे फिर से संसद बुलाने पर मजबूर नहीं कर दिया।
एंथनी वैन डाइक (Anthony van Dyck) का चार्ल्स प्रथम का तिहरा चित्र, 1635–1636। इसे रोम भेजा गया था ताकि मूर्तिकार बर्निनी (Bernini) इसे देखकर राजा की संगमरमर की आवक्ष प्रतिमा बना सके।
चित्रकार: Anthony van Dyck, Royal Collection, सार्वजनिक डोमेन (public domain), Wikimedia Commons के माध्यम से
क्विज़
James I and Charles I shared a belief that led Charles I to try to govern without Parliament. What was it called?
प्रश्न हिंदी मेंजेम्स प्रथम और चार्ल्स प्रथम एक ऐसी मान्यता रखते थे जिसके कारण चार्ल्स प्रथम ने संसद के बिना शासन करने की कोशिश की। उस मान्यता को क्या कहा जाता था? A: क़ानून का शासन B: हेबियस कॉर्पस C: राजाओं का दैवी अधिकार D: संवैधानिक राजतंत्र
राजाओं का दैवी अधिकार यह विचार था कि राजा को ख़ुद ईश्वर चुनता है, इसलिए राजा को संसद की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं। चार्ल्स प्रथम ने इसी के अनुसार काम किया और 11 साल तक संसद के बिना शासन किया। संवैधानिक राजतंत्र (constitutional monarchy) इसका उलटा विचार है और 1688 के बाद ही शुरू हुआ। हेबियस कॉर्पस (habeas corpus) ग़ैरक़ानूनी क़ैद के ख़िलाफ़ 1679 का क़ानून है, और क़ानून का शासन (rule of law) का मतलब है कि राजा समेत हर किसी को क़ानून मानना होगा।
अंग्रेज़ी गृहयुद्ध
चिंगारी एक प्रार्थना पुस्तक थी। चार्ल्स प्रथम चाहता था कि चर्च ऑफ़ इंग्लैंड (Church of England) की प्रार्थना-सभाओं में ज़्यादा धूमधाम और रस्में हों, इसलिए उसने एक संशोधित प्रेयर बुक (Prayer Book, प्रार्थना पुस्तक) लागू की। उसने स्कॉटलैंड के प्रेस्बिटेरियन (Presbyterian) चर्च पर भी इसे लागू करने की कोशिश की। स्कॉट लोग भड़क उठे और उन्होंने सेना खड़ी कर ली।
1637 में जब एडिनबरा (Edinburgh) के सेंट जाइल्स कैथेड्रल (St Giles' Cathedral) में नई प्रार्थना पुस्तक पहली बार इस्तेमाल हुई, तो प्रार्थना-सभा में हंगामा मच गया। प्रचलित कहानी के अनुसार जेनी गेडेस (Jenny Geddes) नाम की एक बाज़ार में सामान बेचने वाली महिला इतनी नाराज़ हुई कि उसने अपना स्टूल पादरी पर फेंक दिया। इतिहासकार पक्के तौर पर नहीं जानते कि वह कभी थी भी या नहीं, इसलिए यह शायद एक किंवदंती है, लेकिन कैथेड्रल में आज भी उसकी याद में एक मूर्ति है।
चार्ल्स प्रथम के पास स्कॉट्स के ख़िलाफ़ सेना के लिए पैसा नहीं था, इसलिए 1640 में उसे संसद बुलाकर धन माँगना पड़ा। लेकिन इसके बहुत से सदस्य प्यूरिटन (Puritans) थे: ऐसे प्रोटेस्टेंट जो चाहते थे कि धार्मिक शिक्षा और उपासना सख़्त और सादी हो। उन्हें राजा के धार्मिक विचार पसंद नहीं थे, और स्कॉटिश सेना के इंग्लैंड में घुस आने के बाद भी संसद ने उसे पैसा नहीं दिया।
फिर आयरलैंड में भी विद्रोह भड़क उठा, क्योंकि आयरिश कैथोलिक प्यूरिटनों की बढ़ती ताक़त से डरे हुए थे। संसद ने मौक़े का फ़ायदा उठाया और अंग्रेज़ी सेना पर नियंत्रण की माँग की, जिससे राजा की बहुत-सी शक्ति छिन जाती। चार्ल्स आपा खो बैठा। वह संसद के पाँच नेताओं को गिरफ़्तार करने ख़ुद हाउस ऑफ़ कॉमन्स में घुस गया, लेकिन किसी ने उन्हें पहले ही ख़बर कर दी थी और वे जा चुके थे।
उस दिन के बाद से किसी भी राजा या रानी ने हाउस ऑफ़ कॉमन्स के अंदर क़दम नहीं रखा। हर साल संसद के राजकीय उद्घाटन (State Opening of Parliament) पर, राजा या रानी की ओर से सांसदों को बुलाने आने वाला अधिकारी, जिसे "ब्लैक रॉड" (Black Rod) कहते हैं, कॉमन्स के दरवाज़े तक जाता है, और सांसद दरवाज़ा उसके मुँह पर बंद कर देते हैं। फिर ब्लैक रॉड को अंदर आने के लिए तीन बार दस्तक देनी पड़ती है, यह याद दिलाने के लिए कि कॉमन्स राजा या रानी को ज़बरदस्ती अंदर नहीं घुसने देगा।
1642 में राजा और संसद के बीच गृहयुद्ध छिड़ गया। देश दो पक्षों में बँट गया:
कैवेलियर (Cavaliers) राजा के पक्ष में। अपने लंबे घुँघराले बालों और पंख लगी टोपियों के लिए याद किए जाते हैं।
राउंडहेड (Roundheads) संसद के पक्ष में। यह नाम उनमें से कुछ के छोटे कटे बालों से पड़ा।
क्विज़
Which TWO statements about the English Civil War are correct?
प्रश्न हिंदी मेंअंग्रेज़ी गृहयुद्ध के बारे में कौन-से दो कथन सही हैं? A: कैवेलियर वे लोग थे जो राजा का समर्थन करते थे। B: राउंडहेड वे लोग थे जो राजा का समर्थन करते थे। C: युद्ध 1745 में शुरू हुआ जब बॉनी प्रिंस चार्ली स्कॉटलैंड में उतरा। D: राउंडहेड वे लोग थे जो संसद का समर्थन करते थे।
कैवेलियर राजा के साथ थे; राउंडहेड संसद के साथ। युद्ध 1642 में शुरू हुआ। विकल्प C की तारीख़, 1745, बॉनी प्रिंस चार्ली (Bonnie Prince Charlie) के नेतृत्व वाला जैकोबाइट विद्रोह है, जो अगले अध्याय में आता है। याद रखने की तरकीब: "Cavalier" शब्द "cavalry" (घुड़सवार सेना) से जुड़ा है, यानी घोड़े पर सवार सैनिक, जैसे राजा की सेवा करने वाले नाइट।
ओलिवर क्रॉमवेल और बिना राजा के 11 साल
इस अध्याय की जगहें। गहरा लाल रंग गृहयुद्ध और क्रॉमवेल के समय की लड़ाइयाँ दिखाता है; नीला रंग गौरवशाली क्रांति के बाद की लड़ाइयाँ। विलियम नीदरलैंड्स से उसी इंग्लिश चैनल से होकर आया जिसका इस्तेमाल सौ साल पहले आर्माडा ने किया था।
संसद की सेनाओं ने राजा की सेना को पहले मार्स्टन मूर (Marston Moor) में और फिर नेज़बी (Naseby) में हराया। 1646 तक साफ़ हो गया था कि राजा युद्ध हार चुका है।
चार्ल्स प्रथम संसद की सेना का क़ैदी था, लेकिन फिर भी उसने संसद से कोई समझौता करने से इनकार कर दिया। 1649 में उसे मौत की सज़ा दी गई।
1649 का एक जर्मन छापा चित्र, जिसमें लंदन के व्हाइटहॉल (Whitehall) में बैंक्वेटिंग हाउस (Banqueting House) के बाहर चार्ल्स प्रथम का सिर काटा जा रहा है। वह 30 जनवरी 1649 का कड़ाके की ठंड वाला दिन था, और कहा जाता है कि चार्ल्स ने एक अतिरिक्त कमीज़ माँगी ताकि वह काँपे नहीं और भीड़ को यह न लगे कि वह डरा हुआ है। वह इसी इमारत से निकलकर मौत की ओर गया, जिसकी छत पर रूबेन्स (Rubens) के विशाल चित्र हैं, जो उसने ख़ुद अपने पिता जेम्स प्रथम और राजाओं के दैवी अधिकार के सम्मान में बनवाए थे।
अज्ञात चित्रकार, सार्वजनिक डोमेन (public domain), Wikimedia Commons के माध्यम से
कॉमनवेल्थ
इंग्लैंड एक गणराज्य बन गया, जिसे कॉमनवेल्थ (Commonwealth) कहा गया, और जिसमें कोई राजा या रानी नहीं था। शुरू में किसी को पक्का पता नहीं था कि देश कैसे चलाया जाए, और व्यवहार में सत्ता सेना के हाथ में थी।
सेना के एक जनरल, ओलिवर क्रॉमवेल (Oliver Cromwell), को आयरलैंड भेजा गया। वहाँ 1641 में शुरू हुआ एक विद्रोह अब भी चल रहा था, और राजा के लिए लड़ने वाली एक सेना भी थी। क्रॉमवेल ने आयरिश लोगों से अंग्रेज़ी संसद की बात मनवाई, लेकिन उसके तरीक़े इतने क्रूर थे कि आयरलैंड में लोग आज भी उसके बारे में बहस करते हैं।
स्कॉटलैंड ने चार्ल्स प्रथम की हत्या को कभी स्वीकार नहीं किया था। स्कॉट्स ने उसके बेटे चार्ल्स द्वितीय को राजा घोषित किया और स्कॉटलैंड में उसका राज्याभिषेक किया। चार्ल्स द्वितीय एक स्कॉटिश सेना लेकर इंग्लैंड में घुसा, लेकिन क्रॉमवेल ने उसे डनबार (Dunbar) में और फिर वूस्टर (Worcester) में हराया। चार्ल्स वूस्टर से भागा, एक समय ओक के एक पेड़ पर छिपा, और आख़िरकार यूरोप भाग निकला। अब स्कॉटलैंड पर भी संसद का नियंत्रण था।
वह ओक का पेड़ इंग्लैंड के बीच में बॉस्कोबेल (Boscobel) में था, और उसे ढूँढ रहे सैनिक ठीक उसके नीचे से गुज़रे। उसके राजा बनने के बाद यह कहानी बार-बार सुनाई गई, और "द रॉयल ओक" (The Royal Oak) ब्रिटेन में पब के सबसे आम नामों में से एक बन गया। स्मृति-चिह्न के शौक़ीनों ने धीरे-धीरे मूल पेड़ को काट-काटकर ख़त्म कर दिया; आज वहाँ खड़ा ओक उसकी किसी बलूत (एकॉर्न) की वंश-परंपरा से उगा है।
आयरलैंड और वूस्टर के बाद सब क्रॉमवेल को नए गणराज्य का नेता मानने लगे। उसने लॉर्ड प्रोटेक्टर (Lord Protector) की उपाधि ली और 1658 में अपनी मृत्यु तक शासन किया। फिर उसका बेटा रिचर्ड (Richard) लॉर्ड प्रोटेक्टर बना, लेकिन वह न सेना को सँभाल सका, न सरकार को। अब तक देश 11 साल बिना राजा के रह चुका था, और क्रॉमवेल के बिना न कोई स्पष्ट नेता था, न शासन का कोई तय तरीक़ा। बहुत से लोग स्थिरता चाहते थे, और राजा को वापस लाने की बात होने लगी।
क्रॉमवेल कभी राजा नहीं बना: 1657 में संसद ने उसे मुकुट देने की पेशकश की, और उसने मना कर दिया। चार्ल्स द्वितीय के लौटने के बाद क्रॉमवेल का शव क़ब्र से निकालकर फाँसी पर लटकाया गया, और उसका सिर वेस्टमिंस्टर हॉल (Westminster Hall) की छत पर एक खंभे पर टाँग दिया गया, जहाँ वह बीस साल से ज़्यादा रहा। फिर लगभग तीन सदियों तक वह एक मालिक से दूसरे के हाथ जाता रहा, और आख़िरकार 1960 में उसे कैम्ब्रिज के सिडनी ससेक्स कॉलेज (Sidney Sussex College) में दफ़नाया गया, जहाँ क्रॉमवेल ने पढ़ाई की थी।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE?
Marston Moor and Naseby were the battles in which Cromwell defeated the Scottish army of Charles II.
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: मार्स्टन मूर (Marston Moor) और नेज़बी (Naseby) वे लड़ाइयाँ थीं जिनमें क्रॉमवेल ने चार्ल्स द्वितीय की स्कॉटिश सेना को हराया।
ग़लत। मार्स्टन मूर और नेज़बी अंग्रेज़ी गृहयुद्ध की लड़ाइयाँ थीं, जिनमें संसद की सेना ने चार्ल्स प्रथम की सेना को हराया; 1646 तक संसद जीत चुकी थी। क्रॉमवेल ने चार्ल्स द्वितीय की स्कॉटिश सेना को बाद में डनबार और वूस्टर में हराया।
क्विज़
After Cromwell defeated him at Worcester, how did Charles II famously avoid being captured?
प्रश्न हिंदी मेंवूस्टर में क्रॉमवेल से हारने के बाद चार्ल्स द्वितीय पकड़े जाने से कैसे बचा, जिसके लिए यह घटना प्रसिद्ध है? A: उसने टावर ऑफ़ लंदन में शरण ली B: वह वहाँ की राजभक्त सेना से मिलने जहाज़ से आयरलैंड गया C: वह आइल ऑफ़ स्काई की एक गुफ़ा में छिपा D: वह ओक के एक पेड़ में छिपा
चार्ल्स द्वितीय वूस्टर से भागा, एक समय ओक के पेड़ में छिपा, और फिर यूरोप भाग गया। वह राजभक्तों (Royalists) से मिलने आयरलैंड नहीं गया। आइल ऑफ़ स्काई (Isle of Skye) भागने की कहानी एक दूसरे राजकुमार की है: 1746 में कलोडन (Culloden) के बाद बॉनी प्रिंस चार्ली की, जिससे आप अगले अध्याय में मिलेंगे।
क्विज़
What title was given to Oliver Cromwell as the leader of the new republic?
प्रश्न हिंदी मेंनए गणराज्य के नेता के रूप में ओलिवर क्रॉमवेल को कौन-सी उपाधि दी गई? A: इंग्लैंड का राजा B: प्रधानमंत्री C: लॉर्ड प्रोटेक्टर D: लॉर्ड चांसलर
क्रॉमवेल लॉर्ड प्रोटेक्टर था। उसने मुकुट ठुकरा दिया और कभी राजा नहीं बना। प्रधानमंत्री (Prime Minister) का पद 18वीं शताब्दी में जॉर्ज प्रथम (George I) के समय ही आया, जिसके बारे में आप अगले अध्याय में पढ़ेंगे।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE?
After Charles I was executed in 1649, his son immediately became King Charles II of England.
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: 1649 में चार्ल्स प्रथम को मौत की सज़ा मिलने के तुरंत बाद उसका बेटा इंग्लैंड का राजा चार्ल्स द्वितीय बन गया।
ग़लत। 1649 के बाद इंग्लैंड एक गणराज्य, कॉमनवेल्थ, था, जिसमें कोई राजा नहीं था। चार्ल्स द्वितीय का राज्याभिषेक स्कॉटलैंड में हुआ, लेकिन क्रॉमवेल ने उसे हरा दिया और उसे यूरोप में निर्वासन में रहना पड़ा। वह 1660 में ही इंग्लैंड पर राज करने लौटा।
पुनर्स्थापना: चार्ल्स द्वितीय की वापसी
मई 1660 में संसद ने नीदरलैंड्स में निर्वासन में रह रहे चार्ल्स द्वितीय से लौटने को कहा। उसे चारों देशों का राजा बनाया गया: इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और आयरलैंड। उसने साफ़ कहा कि वह फिर कभी "अपनी यात्राओं पर जाना" (यानी फिर से निर्वासन में जाना) नहीं चाहता।
चार्ल्स द्वितीय जानता था कि वह हमेशा अपनी मर्ज़ी नहीं चला सकता; कभी-कभी उसे संसद से समझौता करना पड़ेगा। ज़्यादातर समय संसद ने उसके कामों का समर्थन किया। चर्च ऑफ़ इंग्लैंड फिर से आधिकारिक चर्च बना, और न कैथोलिकों को और न प्यूरिटनों को कोई सत्ता दी गई।
1665: भीषण प्लेग; 1666: भीषण आग
1665 में लंदन में प्लेग फैला (भीषण प्लेग, the Great Plague), जिसमें हज़ारों लोग मरे, और सबसे ग़रीब इलाक़ों पर सबसे ज़्यादा मार पड़ी। फिर 1666 में लंदन की भीषण आग (Great Fire of London) ने शहर का बड़ा हिस्सा जला दिया। बहुत से चर्च नष्ट हो गए, और पुराना सेंट पॉल्स कैथेड्रल (St Paul's Cathedral) भी।
टेम्स नदी से दिखती लंदन की भीषण आग, लगभग 1675 में चित्रित। बाईं ओर पुराना लंदन ब्रिज (London Bridge) है, जिस पर उस समय भी घर बने हुए थे।
अज्ञात चित्रकार, Museum of London, सार्वजनिक डोमेन (public domain), Wikimedia Commons के माध्यम से
शहर फिर से बनाया गया, और नए सेंट पॉल्स कैथेड्रल का डिज़ाइन प्रसिद्ध वास्तुकार सर क्रिस्टोफ़र रेन (Sir Christopher Wren) ने बनाया। सैमुअल पेपीस (Samuel Pepys) ने एक डायरी लिखी जिसमें उसने जो देखा उसका वर्णन किया। यह कई साल बाद छपी, और लोग आज भी इसे पढ़ते हैं।
रेन का सेंट पॉल्स कैथेड्रल। इसका निर्माण 1675 में शुरू हुआ और तीस साल से ज़्यादा चला। सामने अकेली खड़ी मीनार रेन के एक दूसरे चर्च का घंटाघर है, जो दूसरे विश्व युद्ध की बमबारी के बाद बचा रह गया।
फ़ोटो: Diliff, CC BY-SA 3.0, Wikimedia Commons के माध्यम से
आग पुडिंग लेन (Pudding Lane) की एक बेकरी से शुरू हुई और चार दिन तक जलती रही, जिसमें लगभग 13,000 घर नष्ट हुए। पेपीस ने अपनी डायरी में लिखा कि उसने अपने बग़ीचे में गड्ढा खोदकर अपनी शराब और एक पार्मेज़ान चीज़ उसमें दबा दी, इस उम्मीद में कि वे बच जाएँगी। आज भीषण आग का स्मारक (the Monument) 61 मीटर ऊँचा है, ठीक उतना ही जितनी उसकी दूरी उस जगह से है जहाँ बेकरी थी। रेन ख़ुद सेंट पॉल्स में दफ़न है, और उसकी समाधि पर लैटिन में लिखा है: "पाठक, अगर तुम उसका स्मारक खोज रहे हो, तो अपने चारों ओर देखो।"
हेबियस कॉर्पस अधिनियम
1679 में हेबियस कॉर्पस अधिनियम (Habeas Corpus Act) क़ानून बना, और यह आज भी बहुत महत्वपूर्ण है। Habeas corpus एक लैटिन वाक्यांश है जिसका मोटा अर्थ है "तुम्हें उस व्यक्ति को अदालत के सामने लाना होगा"। इस अधिनियम ने यह सुनिश्चित किया कि किसी को भी बिना क़ानूनी कारण के बंद नहीं रखा जा सकता, और जेल में रखे गए हर व्यक्ति को अपने मामले की अदालत में सुनवाई का अधिकार है।
यह क़ानून बाल-बाल पास हुआ। उस समय के एक बिशप, गिल्बर्ट बर्नेट (Gilbert Burnet), के अनुसार जब हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में इस पर मतदान हुआ, तो वोट गिनने वाले लॉर्ड्स में से एक ने मज़ाक़ में एक बहुत मोटे लॉर्ड को दस गिन लिया, जिससे क़ानून कुछ "अतिरिक्त" वोटों से पास हो गया। यह एक मज़ेदार कहानी है जिसे साबित नहीं किया जा सकता, लेकिन रिकॉर्ड दिखाते हैं कि मतदान बेहद क़रीबी था।
रॉयल सोसाइटी और न्यूटन
चार्ल्स द्वितीय को विज्ञान से प्रेम था। उसके शासनकाल में "प्राकृतिक ज्ञान", यानी प्राकृतिक दुनिया के अध्ययन, को बढ़ावा देने के लिए रॉयल सोसाइटी (Royal Society) की स्थापना हुई। दुनिया की कोई दूसरी वैज्ञानिक संस्था इससे लंबे समय से मौजूद नहीं है: यह आज भी चल रही सबसे पुरानी वैज्ञानिक संस्था है। इसके दो शुरुआती सदस्य थे एडमंड हैली (Edmond Halley), जिसने हिसाब लगाया कि एक प्रसिद्ध धूमकेतु कब लौटेगा (उसी के नाम पर इसे हैली का धूमकेतु कहा जाता है), और सर आइज़ैक न्यूटन (Sir Isaac Newton)।
हैली का धूमकेतु वही है जो 1066 वाले अध्याय में बायो टेपेस्ट्री (Bayeux Tapestry) में कढ़ा हुआ है। उसने हिसाब लगाया कि यह लगभग हर 76 साल में लौटता है और भविष्यवाणी की कि यह 1758 में लौटेगा, लेकिन उसकी मृत्यु 1742 में हो गई, इसलिए वह इसे कभी नहीं देख पाया। 1758 के क्रिसमस के दिन धूमकेतु सच में लौटा, और इसका नाम उसके नाम पर रखा गया।
न्यूटन (1643–1727) पूर्वी इंग्लैंड के लिंकनशायर (Lincolnshire) से था। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय (Cambridge University) में छात्र रहते हुए उसकी विज्ञान में रुचि जागी। उसकी सबसे प्रसिद्ध पुस्तक Philosophiae Naturalis Principia Mathematica ("प्राकृतिक दर्शन के गणितीय सिद्धांत") है। इसमें उसने समझाया कि गुरुत्वाकर्षण पूरे ब्रह्मांड में हर जगह एक ही तरह से काम करता है। उसने यह भी खोजा कि सफ़ेद रोशनी में इंद्रधनुष के सभी रंग होते हैं।
46 वर्ष की उम्र में न्यूटन, गॉडफ़्री नेलर (Godfrey Kneller) के 1689 के चित्र की एक प्रति में। उसने दो साल पहले Principia प्रकाशित की थी।
Godfrey Kneller के चित्र पर आधारित, सार्वजनिक डोमेन (public domain), Wikimedia Commons के माध्यम से
सेब वाली कहानी न्यूटन ने ख़ुद बुढ़ापे में एक मित्र को सुनाई थी: वह अपने परिवार के घर के बग़ीचे में बैठा था, उसने एक सेब गिरते देखा, और सोचने लगा कि सेब हमेशा सीधे नीचे ही क्यों गिरते हैं। सेब के उसके सिर पर गिरने वाली बात बाद में जोड़ी गई। उस सेब के पेड़ का एक वंशज आज भी कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज (Trinity College) के फाटक के पास उगता है।
क्विज़
Which architect designed the new St Paul's Cathedral after the Great Fire of London in 1666?
प्रश्न हिंदी में1666 में लंदन की भीषण आग के बाद नए सेंट पॉल्स कैथेड्रल का डिज़ाइन किस वास्तुकार ने बनाया?
रेन। बाक़ी तीनों भी असली ब्रिटिश डिज़ाइनर हैं: इनिगो जोन्स (Inigo Jones) ने बैंक्वेटिंग हाउस डिज़ाइन किया, जहाँ चार्ल्स प्रथम को मौत की सज़ा दी गई; लुटियंस (Lutyens) ने लंदन का सेनोटाफ़ (Cenotaph) डिज़ाइन किया; और केपेबिलिटी ब्राउन (Capability Brown) 18वीं शताब्दी का बाग़-डिज़ाइनर था।
क्विज़
Which of the following statements is correct?
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा सही है? A: 1679 के हेबियस कॉर्पस अधिनियम ने हर वयस्क पुरुष को वोट का अधिकार दिया। B: 1679 के हेबियस कॉर्पस अधिनियम के तहत किसी को भी बिना क़ानूनी कारण के जेल में नहीं रखा जा सकता था।
हेबियस कॉर्पस अधिनियम ग़ैरक़ानूनी ढंग से बंद न किए जाने के अधिकार और अदालत में सुनवाई के अधिकार की रक्षा करता है। इसका मतदान से कोई लेना-देना नहीं है। उस समय केवल एक निश्चित मात्रा में संपत्ति वाले पुरुष ही वोट दे सकते थे; सभी वयस्क पुरुषों को वोट का अधिकार 20वीं शताब्दी में ही मिला।
क्विज़
Which Lincolnshire-born scientist explained that gravity works throughout the universe?
प्रश्न हिंदी मेंलिंकनशायर में जन्मे किस वैज्ञानिक ने समझाया कि गुरुत्वाकर्षण पूरे ब्रह्मांड में काम करता है?
न्यूटन। हैली भी रॉयल सोसाइटी का शुरुआती सदस्य था, लेकिन वह एक धूमकेतु की वापसी की भविष्यवाणी के लिए प्रसिद्ध है। डार्विन (Darwin, विकासवाद) और फ़्लेमिंग (Fleming, पेनिसिलिन) बाद के समय के वैज्ञानिक थे।
जेम्स द्वितीय और गौरवशाली क्रांति
चार्ल्स द्वितीय की मृत्यु पर मुकुट उसके भाई को मिला। नया राजा कैथोलिक था। इंग्लैंड, वेल्स और आयरलैंड में वह जेम्स द्वितीय (James II) था; स्कॉटलैंड में वह जेम्स सप्तम (James VII) था।
जेम्स द्वितीय कैथोलिकों का पक्ष लेता था और उसने उनमें से कुछ को सेना में अफ़सर बनाया, जबकि संसद के एक अधिनियम ने इस पर रोक लगा रखी थी। उसने संसद को नज़रअंदाज़ किया और चर्च ऑफ़ इंग्लैंड के कई बिशपों को गिरफ़्तार भी करवाया। इंग्लैंड में लोगों को डर था कि वह देश को फिर से कैथोलिक बनाना चाहता है।
लेकिन शुरू में लोग ज़्यादा चिंतित नहीं थे, क्योंकि गद्दी की अगली उत्तराधिकारी उसकी दो बेटियाँ थीं, जो दोनों पक्की प्रोटेस्टेंट थीं। फिर 1688 में रानी ने एक बेटे को जन्म दिया। अचानक लगने लगा कि अगला राजा भी कैथोलिक होगा।
बिना ख़ून-ख़राबे की क्रांति
जेम्स द्वितीय की बड़ी बेटी मैरी की शादी उसके कज़िन ऑरेंज के विलियम (William of Orange) से हुई थी। विलियम प्रोटेस्टेंट था और नीदरलैंड्स पर शासन करता था। 1688 में शक्तिशाली अंग्रेज़ प्रोटेस्टेंटों के एक समूह ने विलियम से सेना लेकर आने और गद्दी सँभालने को कहा।
जब विलियम आया, तो किसी ने उससे लड़ाई नहीं की। जेम्स द्वितीय फ़्रांस भाग गया, और गद्दी विलियम के लिए छोड़ गया। इंग्लैंड, वेल्स और आयरलैंड में वह विलियम तृतीय (William III) था, और स्कॉटलैंड में विलियम द्वितीय (William II)। उसने अपनी पत्नी मैरी द्वितीय (Mary II) के साथ मिलकर राज किया।
बाद में लोगों ने इसे "गौरवशाली क्रांति" कहा। यह "गौरवशाली" इसलिए थी क्योंकि इंग्लैंड में कोई लड़ाई नहीं हुई, और क्योंकि इसने संसद की शक्ति को सुरक्षित कर दिया: तब से कोई राजा या रानी अकेले मनमर्ज़ी से राज नहीं कर सकता था।
विलियम 5 नवंबर 1688 को दक्षिण-पश्चिमी इंग्लैंड में टॉरबे (Torbay) में उतरा था, गनपाउडर प्लॉट के ठीक 83 साल बाद, और प्रोटेस्टेंटों ने इसे ईश्वर का संकेत माना। कहा जाता है कि भागते समय जेम्स द्वितीय ने शाही सत्ता के प्रतीक, ग्रेट सील (Great Seal), को टेम्स नदी में फेंक दिया। एक अफ़वाह यह भी थी कि उसका नवजात बेटा रानी का था ही नहीं, बल्कि एक बच्चा था जिसे वार्मिंग पैन (बिस्तर गर्म करने के लिए इस्तेमाल होने वाला ढक्कन वाला धातु का बर्तन) में छिपाकर उसके कमरे में पहुँचाया गया था। यह राजनीतिक प्रचार था, और इसका कोई सबूत नहीं है।
इंग्लैंड, वेल्स, आयरलैंड
स्कॉटलैंड
जेम्स प्रथम (James I)
जेम्स षष्ठ (James VI)
जेम्स द्वितीय (James II)
जेम्स सप्तम (James VII)
विलियम तृतीय (William III)
विलियम द्वितीय (William II)
बॉयन, किलीक्रैंकी और ग्लेनको
जेम्स द्वितीय अपना मुकुट वापस पाने पर अड़ा था। फ़्रांसीसी सैनिकों की मदद से वह आयरलैंड में उतरा। 1690 में आयरलैंड में विलियम ने उसे बॉयन की लड़ाई (Battle of the Boyne) में हराया, एक ऐसी जीत जिसका उत्तरी आयरलैंड में कुछ लोग आज भी जश्न मनाते हैं। विलियम ने आयरलैंड पर फिर से नियंत्रण कर लिया, और जेम्स एक बार फिर फ़्रांस भाग गया। इसके बाद आयरलैंड में कैथोलिक चर्च पर बहुत-सी पाबंदियाँ लगीं, और आयरिश कैथोलिकों को सरकार से बाहर रखा गया।
स्कॉटलैंड में भी जेम्स के समर्थक थे। उसके पक्ष में हुए एक सशस्त्र विद्रोह को किलीक्रैंकी (Killiecrankie) में जल्दी ही कुचल दिया गया। फिर हर स्कॉटिश क़बीले (क्लैन) को विलियम को राजा स्वीकार करने की शपथ लेने का आदेश दिया गया। ग्लेनको के मैकडॉनल्ड (MacDonalds of Glencoe) समय-सीमा चूक गए, और सज़ा के तौर पर उनका नरसंहार किया गया। इस नरसंहार के कारण कुछ स्कॉट्स के मन में नई सरकार के प्रति गहरा अविश्वास पैदा हो गया।
कुछ लोग अब भी मानते थे कि जेम्स ही असली राजा है, ख़ास तौर पर स्कॉटलैंड में। कुछ उसके साथ फ़्रांस में निर्वासन में चले गए; दूसरों ने गुप्त रूप से उसका साथ दिया। जेम्स के समर्थकों को जैकोबाइट (Jacobites) कहा गया, जो जेम्स के लैटिन रूप Jacobus (जैकोबस) से आया है। उनकी कहानी अगले अध्याय में आगे चलती है।
क्विज़
Why were the MacDonalds of Glencoe massacred?
प्रश्न हिंदी मेंग्लेनको के मैकडॉनल्ड का नरसंहार क्यों किया गया? A: उन्होंने गनपाउडर प्लॉट में हिस्सा लिया था। B: उन्होंने विलियम को राजा स्वीकार करने की शपथ बहुत देर से ली। C: उन्होंने चार्ल्स प्रथम की नई प्रेयर बुक इस्तेमाल करने से मना कर दिया। D: वे कलोडन में बॉनी प्रिंस चार्ली के लिए लड़े।
हर स्कॉटिश क़बीले को विलियम को राजा स्वीकार करने की शपथ लेनी थी। ग्लेनको के मैकडॉनल्ड ने अपनी शपथ देर से ली और उनका नरसंहार किया गया, जिससे कुछ स्कॉट्स के मन में नई सरकार के प्रति अविश्वास पैदा हुआ। बाक़ी विकल्प दूसरे समयों के हैं: गनपाउडर प्लॉट 1605 में, प्रेयर बुक 1630 के दशक में और कलोडन 1746 में।
क्विज़
Which TWO statements about the Glorious Revolution of 1688 are correct?
प्रश्न हिंदी में1688 की गौरवशाली क्रांति के बारे में कौन-से दो कथन सही हैं? A: चार्ल्स द्वितीय को राजा बनने के लिए नीदरलैंड्स से वापस बुलाया गया। B: इंग्लैंड में कोई लड़ाई नहीं हुई। C: ऑरेंज का विलियम राजा बना और उसने मैरी के साथ मिलकर राज किया। D: जेम्स द्वितीय एक प्रोटेस्टेंट था जिसकी जगह एक कैथोलिक राजा आया।
A 1660 की पुनर्स्थापना का वर्णन करता है, गौरवशाली क्रांति का नहीं। दोनों कहानियों में नीदरलैंड्स आता है, इसलिए इन्हें मिला देना आसान है। D उलटा है: हटाया गया जेम्स द्वितीय कैथोलिक था, और उसकी जगह लेने वाला विलियम प्रोटेस्टेंट था।
बिल ऑफ़ राइट्स: संवैधानिक राजतंत्र की शुरुआत
विलियम और मैरी के राज्याभिषेक पर एक अधिकारों की घोषणा (Declaration of Rights) पढ़ी गई। इसने पक्का किया कि राजा अब संसद की सहमति के बिना न कर लगा सकता है, न अदालतें चला सकता है। अब से राजमुकुट (the Crown) और संसद के बीच सत्ता का बँटवारा बिल्कुल अलग ढंग से हुआ, और वह फिर कभी पहले जैसा नहीं हुआ।
फिर 1689 के बिल ऑफ़ राइट्स (Bill of Rights, अधिकार-पत्र) ने क़ानून में तय किया कि संसद के क्या अधिकार हैं और राजा की शक्ति कहाँ तक जा सकती है:
संसद तय करती है कि राजा या रानी कौन बन सकता है, और राजा या रानी का प्रोटेस्टेंट होना ज़रूरी है
नई संसद का चुनाव कम से कम हर 3 साल में होना चाहिए
हर साल राजा या रानी को सेना और नौसेना के ख़र्च के लिए संसद से मंज़ूरी माँगनी होगी
नतीजा: राजा को ऐसे मंत्रियों की ज़रूरत है जो दोनों सदनों में बहुमत के वोट जीत सकें
व्हिग और टोरी: दलगत राजनीति की शुरुआत
संसद में दो मुख्य गुट बने: व्हिग (Whigs) और टोरी (Tories)। यहीं से दलगत राजनीति (पार्टी पॉलिटिक्स) शुरू हुई। आज की कंज़र्वेटिव पार्टी (Conservative Party) को अब भी कभी-कभी टोरी कहा जाता है।
दोनों नाम विरोधियों द्वारा दी गई गालियों के रूप में शुरू हुए। कहा जाता है कि "व्हिग" विद्रोही प्रेस्बिटेरियनों के लिए एक स्कॉटिश शब्द से आया है, और "टोरी" एक आयरिश शब्द से आया है जिसका अर्थ है डाकू या लुटेरा। लंबे समय तक इन नामों से पुकारे जाने के बाद, दोनों पक्ष इन्हें गर्व से इस्तेमाल करने लगे।
स्वतंत्र प्रेस और संवैधानिक राजतंत्र
1688 के बाद के वर्ष स्वतंत्र प्रेस के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण थे, यानी ऐसे अख़बार और दूसरी छपी सामग्री जिन पर सरकार का नियंत्रण न हो। 1695 से कोई भी व्यक्ति पहले सरकारी लाइसेंस लिए बिना अख़बार छाप सकता था, और अख़बारों की संख्या तेज़ी से बढ़ी।
1688 के बाद के नए क़ानूनों से संवैधानिक राजतंत्र (constitutional monarchy) की शुरुआत हुई, जिसमें राजा या रानी को संसद द्वारा तय सीमाओं के भीतर राज करना होता है। राजा या रानी अब भी बहुत मायने रखते थे, लेकिन संसद के विरोध वाली किसी नीति या कार्रवाई को ज़बरदस्ती लागू नहीं कर सकते थे। विलियम तृतीय के बाद राजा के मंत्री धीरे-धीरे राजा से ज़्यादा शक्तिशाली होते गए।
लेकिन यह अभी आधुनिक लोकतंत्र नहीं था। बहुत कम लोग संसद सदस्यों के लिए वोट दे सकते थे: केवल एक निश्चित मात्रा में संपत्ति वाले पुरुष, और महिलाएँ बिल्कुल वोट नहीं दे सकती थीं। कुछ इलाक़ों में एक अमीर परिवार तय करता था कि कौन चुना जाएगा; ऐसी सीटों को "पॉकेट बरो (pocket boroughs)" कहा जाता था। दूसरी कुछ सीटों पर वोट देने वाला लगभग कोई नहीं था; इन्हें "रॉटन बरो (rotten boroughs)" कहा जाता था।
सबसे मशहूर रॉटन बरो सॉल्ज़बरी (Salisbury) के पास ओल्ड सारम (Old Sarum) था। वहाँ लगभग कोई नहीं रहता था: बस एक वीरान पहाड़ी और गिने-चुने ज़मींदार जिनके पास वोट का अधिकार था। फिर भी 1832 के रिफ़ॉर्म एक्ट (Reform Act) द्वारा ख़त्म किए जाने तक यह संसद के दो सदस्य चुनता रहा।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE?
According to the Bill of Rights of 1689, only a Protestant could be king or queen.
प्रश्न हिंदी मेंनीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: 1689 के बिल ऑफ़ राइट्स (Bill of Rights) के अनुसार केवल एक प्रोटेस्टेंट ही राजा या रानी बन सकता था।
सही। बिल ऑफ़ राइट्स ने संसद को यह तय करने का अधिकार दिया कि राजा या रानी कौन बन सकता है, और राजा या रानी का प्रोटेस्टेंट होना ज़रूरी किया। इसे 1215 के मैग्ना कार्टा (Magna Carta) से न मिलाएँ: मैग्ना कार्टा ने कहा कि राजा को क़ानून मानना होगा, जबकि बिल ऑफ़ राइट्स ने "संसद तय करती है" के युग की शुरुआत की।
बढ़ती आबादी: नए लोगों का आगमन
जब राजा और संसद सत्ता के लिए जूझ रहे थे, आम जीवन भी बदल रहा था। इन वर्षों में ब्रिटेन और आयरलैंड से बहुत से लोग अमेरिका और दूसरी जगहों के उपनिवेशों में नया जीवन शुरू करने के लिए समुद्री रास्ते से निकल पड़े। उसी समय, नए लोग यहाँ आ रहे थे:
1656 में यहूदी लोग लंदन में बसे। मध्य युग के बाद यहाँ घर बसाने वाले वे पहले यहूदी थे।
1680 से 1720 तक बड़ी संख्या में शरणार्थी, जिन्हें ह्यूगनॉट (Huguenots) कहा जाता है, फ़्रांस से भागकर ब्रिटेन आए। वे प्रोटेस्टेंट थे जिन पर फ़्रांस में उनके धर्म के कारण अत्याचार हुए थे। उनमें से बहुत से अच्छे पढ़े-लिखे और बेहद कुशल थे, और उन्होंने विज्ञान, बैंकिंग, बुनाई और दूसरे शिल्पों में काम किया।
माना जाता है कि अंग्रेज़ी शब्द "refugee" (शरणार्थी) इसी समय के आसपास फ़्रांसीसी शब्द réfugié से आया, और इसे पहली बार ह्यूगनॉट लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया। बहुत से ह्यूगनॉट बुनकर पूर्वी लंदन के स्पिटलफ़ील्ड्स (Spitalfields) में बसे और रेशम की बुनाई के लिए मशहूर हुए; आप आज भी वहाँ उनके पुराने घर देख सकते हैं। क्रॉमवेल के समय यहूदियों को फिर से बसने की अनुमति मिली थी (1290 में उन्हें इंग्लैंड से निकाल दिया गया था), और 1701 में खुला बेविस मार्क्स सिनेगॉग (Bevis Marks Synagogue) ब्रिटेन का सबसे पुराना यहूदी उपासना-गृह है जो आज भी उपयोग में है।
क्विज़
Which TWO statements about the Huguenots are correct?
प्रश्न हिंदी मेंह्यूगनॉट (Huguenots) के बारे में कौन-से दो कथन सही हैं? A: वे 1680 और 1720 के बीच फ़्रांस से ब्रिटेन आए। B: वे स्पेन में अत्याचार से बचकर भागे कैथोलिक थे। C: वे प्रोटेस्टेंट थे जिन पर उनके धर्म के कारण अत्याचार हुए थे। D: वे 1656 में आए और मध्य युग के बाद आने वाले पहले यहूदी थे।
ह्यूगनॉट फ़्रांसीसी प्रोटेस्टेंट थे जिन पर उनकी आस्था के कारण अत्याचार हुए थे, और वे 1680 और 1720 के बीच ब्रिटेन आए। बहुत से पढ़े-लिखे और कुशल थे, और विज्ञान, बैंकिंग, बुनाई और दूसरे शिल्पों में काम करते थे। B में धर्म और देश दोनों ग़लत हैं। D उन यहूदियों का वर्णन है जो 1656 में लंदन में बसे।
रानी ऐन और 1707 का एक्ट ऑफ़ यूनियन
विलियम और मैरी के बाद मुकुट मैरी की छोटी बहन रानी ऐन (Queen Anne) को मिला। ऐन नाम की केवल एक ही रानी हुई है, इसलिए उसके नाम के बाद कोई अंक नहीं है।
ऐन की कोई संतान जीवित नहीं बची, इसलिए किसी को पता नहीं था कि उसके बाद इंग्लैंड, वेल्स, आयरलैंड और स्कॉटलैंड के मुकुट कौन पहनेगा। इसलिए 1707 में दोनों पक्षों ने एक्ट ऑफ़ यूनियन (Act of Union) पर सहमति दी, जिसे स्कॉटलैंड में ट्रीटी ऑफ़ यूनियन (Treaty of Union) कहा जाता है। इससे ग्रेट ब्रिटेन राज्य बना।
स्कॉटलैंड एक स्वतंत्र देश नहीं रहा। लेकिन उसने अपनी क़ानूनी व्यवस्था, अपनी शिक्षा व्यवस्था और अपना प्रेस्बिटेरियन चर्च बनाए रखा। आज भी स्कॉटलैंड का क़ानून और स्कूल इंग्लैंड से अलग हैं।
ऐन की अपनी कहानी इस चिंता को समझाती है। वह कम से कम 17 बार गर्भवती हुई, लेकिन उसका कोई भी बच्चा उससे ज़्यादा जीवित नहीं रहा, और शुरुआती बचपन पार करने वाला उसका इकलौता बेटा, ड्यूक ऑफ़ ग्लूसेस्टर विलियम (William, Duke of Gloucester), 1700 में 11 साल की उम्र में चल बसा। इसलिए संसद ने पहले से ही एक क़ानून पास करके उसके दूर के प्रोटेस्टेंट रिश्तेदारों, जर्मनी के हैनोवर राजघराने (House of Hanover), को अगला उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
स्कॉटलैंड के यूनियन पर सहमत होने में पैसे का भी बड़ा हाथ था। 1690 के दशक में स्कॉटलैंड ने मध्य अमेरिका में डेरियन (Darien) में एक उपनिवेश बसाने की योजना में भारी रक़म लगाई; यह पूरी तरह नाकाम रही और देश की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डूब गया। संधि में इंग्लैंड ने स्कॉटलैंड को मुआवज़ा देने पर सहमति दी।
रानी ऐन की 1714 में मृत्यु हुई, और उसके साथ स्टुअर्ट काल समाप्त हो गया। संसद ने एक जर्मन को अगला राजा चुना, और ब्रिटिश राजनीति में एक नया पद सामने आया: प्रधानमंत्री (Prime Minister)। यह सब अगले अध्याय में है।
क्विज़
What did the Act of Union of 1707 create?
प्रश्न हिंदी में1707 के एक्ट ऑफ़ यूनियन से क्या बना? A: ग्रेट ब्रिटेन राज्य B: ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड का यूनाइटेड किंगडम C: इंग्लैंड का कॉमनवेल्थ D: चर्च ऑफ़ स्कॉटलैंड
1707 में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड मिलकर ग्रेट ब्रिटेन राज्य बने। B 1801 में ही बना, जब आयरलैंड जुड़ा (अगला अध्याय)। C वह गणराज्य है जो 1649 में चार्ल्स प्रथम को मौत की सज़ा के बाद बना। D इससे बहुत पहले, 1560 के स्कॉटिश धर्मसुधार में बना था।
अध्याय सारांश
1603 जेम्स षष्ठ और प्रथम
स्कॉटलैंड का जेम्स षष्ठ इंग्लैंड का जेम्स प्रथम बना; स्कॉटलैंड एक अलग देश बना रहा
किंग जेम्स संस्करण
बाइबल का किंग जेम्स (अधिकृत) संस्करण: पहली अंग्रेज़ी बाइबल नहीं, लेकिन आज भी उपयोग में
1605 गनपाउडर प्लॉट
कैथोलिकों ने राजा को उड़ाने की कोशिश की और नाकाम रहे; 5 नवंबर की बॉनफ़ायर नाइट
प्लांटेशन (बस्तियाँ)
अंग्रेज़ और स्कॉटिश प्रोटेस्टेंट कैथोलिक ज़मींदारों से ली गई ज़मीन पर अल्स्टर में बसे
राजाओं का दैवी अधिकार
जेम्स प्रथम और चार्ल्स प्रथम मानते थे कि राजा ईश्वर द्वारा नियुक्त होते हैं और उन्हें संसद की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं
1642 गृहयुद्ध
कैवेलियर राजा के पक्ष में, राउंडहेड संसद के पक्ष में; मार्स्टन मूर और नेज़बी
1649 कॉमनवेल्थ
चार्ल्स प्रथम को मौत की सज़ा दी गई और इंग्लैंड गणराज्य बना
लॉर्ड प्रोटेक्टर
क्रॉमवेल की उपाधि; वह कभी राजा नहीं बना, और 1658 तक शासन किया
1660 पुनर्स्थापना
चार्ल्स द्वितीय नीदरलैंड्स से लौटकर राजा बना
1665 / 1666
भीषण प्लेग / लंदन की भीषण आग; रेन का नया सेंट पॉल्स; पेपीस की डायरी
1679 हेबियस कॉर्पस
कोई ग़ैरक़ानूनी क़ैद नहीं; हर बंदी को अदालत में सुनवाई का अधिकार
रॉयल सोसाइटी
सबसे पुरानी जीवित वैज्ञानिक संस्था; हैली और न्यूटन
आइज़ैक न्यूटन
लिंकनशायर में जन्म; गुरुत्वाकर्षण; सफ़ेद रोशनी में इंद्रधनुष के सभी रंग होते हैं
1688 गौरवशाली क्रांति
कैथोलिक जेम्स द्वितीय की जगह प्रोटेस्टेंट विलियम तृतीय और मैरी द्वितीय आए, इंग्लैंड में बिना किसी लड़ाई के
1689 बिल ऑफ़ राइट्स
राजा या रानी का प्रोटेस्टेंट होना ज़रूरी; कम से कम हर 3 साल में नई संसद; संवैधानिक राजतंत्र की शुरुआत
1690 बॉयन
विलियम ने आयरलैंड में जेम्स द्वितीय को हराया; जेम्स के समर्थक जैकोबाइट कहलाए
व्हिग और टोरी
दलगत राजनीति की शुरुआत
1695 स्वतंत्र प्रेस
अख़बारों को अब सरकारी लाइसेंस की ज़रूरत नहीं रही
1656 / 1680–1720
यहूदी लंदन लौटे / ह्यूगनॉट, यानी फ़्रांसीसी प्रोटेस्टेंट, ब्रिटेन आए
1707 एक्ट ऑफ़ यूनियन
ग्रेट ब्रिटेन राज्य; स्कॉटलैंड ने अपना क़ानून, शिक्षा और प्रेस्बिटेरियन चर्च बनाए रखा