मई–जून 1940

डनकर्क: समुद्र तटों से बचाए गए 3,00,000 सैनिक

कहानी 10 में से 3

मई 1940 में, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान और फ़्रांस के हारने से पहले, जर्मन सेना फ़्रांस में घुस आई और उसने ब्रिटिश और फ़्रांसीसी सैनिकों को उत्तरी फ़्रांस के तट पर डनकर्क (Dunkirk) में घेर लिया। ब्रिटेन ने समुद्र के रास्ते एक विशाल अभियान चलाकर उन्हें घर लाने का फ़ैसला किया। नौसेना के अलावा बहुत से आम लोगों ने अपनी छोटी नावें, जैसे सैर-सपाटे की नावें और मछली पकड़ने वाली नावें, चैनल पार ले जाकर मदद करने की पेशकश की। मिलकर वे डनकर्क के आसपास के समुद्र तटों से 3,00,000 (300,000) से ज़्यादा सैनिकों को वापस ले आए।

बहुत सी जानें गईं और बहुत सारा सैन्य साज़ो-सामान पीछे छूट गया, फिर भी यह निकासी सफल रही, क्योंकि इसकी वजह से ब्रिटेन जर्मनी से लड़ाई जारी रख सका। इससे अंग्रेज़ी को एक नया मुहावरा भी मिला, "डनकर्क स्पिरिट" (the Dunkirk spirit), जिसका मतलब है कठिन समय में लोगों का एकजुट रहना और हार न मानना।

श्वेत-श्याम फ़ोटो: डनकर्क से लौटे सैनिक ट्रेन की खिड़कियों पर बैठे हैं और लोग उन्हें पीने की चीज़ें दे रहे हैं
लंदन का ऐडिसन रोड स्टेशन (Addison Road), 31 मई 1940। डनकर्क से अभी-अभी लौटे सैनिकों को ट्रेन में गरम चाय दी जा रही है। फ़ोटो: Mr Saidman, War Office official photographer, Imperial War Museums H 1630, public domain, Wikimedia Commons के माध्यम से

क्विज़

Which of the following statements is correct?

प्रश्न हिंदी मेंइनमें से कौन-सा कथन सही है?
A: छोटी नावों वाले नागरिक स्वयंसेवकों ने नौसेना की मदद करके डनकर्क से 3,00,000 से ज़्यादा सैनिकों को बचाया।
B: डनकर्क से निकासी 1944 में, डी-डे लैंडिंग के बाद हुई।

युग की विषय-सूची: 1930 – 1950