1870–1928

महिलाओं को वोट: 1918 और 1928

कहानी 7 में से 5
कढ़ाई-शैली का चित्र: लंबा कोट और क्लोश टोपी पहने एक महिला लकड़ी की मतपेटी में अपना मतपत्र डाल रही है, पीछे एक मतदान-कक्ष और हरे, सफ़ेद और बैंगनी रंग का बैनर

1870 से पहले, शादी होते ही महिला की सारी कमाई और संपत्ति उसके पति की हो जाती थी। 1870 और 1882 में बने क़ानूनों ने शादीशुदा महिलाओं को अपनी कमाई और संपत्ति अपने पास रखने का अधिकार दिया। 1800 के दशक के आख़िर से 1900 के दशक की शुरुआत तक, ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं ने ज़्यादा अधिकारों के लिए, और सबसे बढ़कर वोट के लिए, अभियान चलाए और प्रदर्शन किए। उन्हें सफ़्रेजेट्स (suffragettes) कहा जाने लगा।

उनकी सबसे जानी-मानी नेता थीं एमेलिन पैंकहर्स्ट (Emmeline Pankhurst, 1858–1928), जिनका जन्म मैनचेस्टर में हुआ था। 1889 में उन्होंने विमेन्स फ़्रैंचाइज़ लीग (Women's Franchise League) की स्थापना की, जिसने शादीशुदा महिलाओं को स्थानीय चुनावों में वोट का अधिकार दिलाने के लिए अभियान चलाया। 1903 में उन्होंने WSPU (Women's Social and Political Union) शुरू करने में मदद की, जो पहला ऐसा समूह था जिसके सदस्यों को सफ़्रेजेट्स कहा गया। वे जान-बूझकर क़ानून तोड़कर विरोध करते थे (सविनय अवज्ञा, civil disobedience): उन्होंने ख़ुद को रेलिंग से ज़ंजीरों से बाँधा, खिड़कियाँ तोड़ीं और इमारतों में आग लगाई। ख़ुद पैंकहर्स्ट समेत बहुतों ने भूख हड़ताल की।

असली मोड़ पहला विश्व युद्ध (First World War) था। युद्ध के दौरान बहुत बड़ी संख्या में महिलाओं ने कारख़ानों में काम किया, एंबुलेंस चलाईं और खेती की, और देश को चलाए रखा। युद्ध ख़त्म होने पर आख़िरकार उन्हें वोट का अधिकार मिला, लेकिन दो चरणों में:

1918
30 साल से ज़्यादा उम्र की महिलाएँ वोट दे सकती थीं और संसद का चुनाव लड़ सकती थीं। पुरुष 21 साल की उम्र से वोट दे सकते थे।
1928
महिलाओं के लिए वोट देने की उम्र घटकर 21 हो गई, आख़िरकार पुरुषों के बराबर।

पैंकहर्स्ट की मृत्यु 1928 में हुई, महिलाओं को पुरुषों के बराबर शर्तों पर वोट का अधिकार मिलने से बस कुछ हफ़्ते पहले।

1918 के चुनाव में हाउस ऑफ़ कॉमन्स (House of Commons) के लिए चुनी गई पहली महिला ने असल में कभी अपनी सीट ग्रहण नहीं की। वे आयरलैंड की कॉन्स्टेंस मार्किएविच (Constance Markievicz) थीं, जो आयरिश स्वतंत्रता चाहने वाली पार्टी शिन फ़ेन (Sinn Féin) की सदस्य थीं, और उन्होंने लंदन में बैठने से इनकार कर दिया। कॉमन्स में बैठने वाली पहली महिला नैंसी ऐस्टर (Nancy Astor) थीं, जो 1919 में चुनी गईं।

क्विज़

In 1918, women over what age were given the right to vote?

प्रश्न हिंदी में1918 में कितनी उम्र से ज़्यादा की महिलाओं को वोट का अधिकार मिला?

क्विज़

Who was the best-known leader of the suffragettes, the women who campaigned for the right to vote?

प्रश्न हिंदी मेंवोट के अधिकार के लिए अभियान चलाने वाली महिलाओं, यानी सफ़्रेजेट्स (suffragettes), की सबसे जानी-मानी नेता कौन थीं?
A: बूडिका
B: फ़्लोरेंस नाइटिंगेल
C: एमेलिन पैंकहर्स्ट
D: जेन ऑस्टेन

युग की विषय-सूची: 1900 – 1930