घरेलू हिंसा: बंद दरवाज़ों के पीछे भी अपराध
ब्रिटेन में घर के अंदर की हिंसा "परिवार का निजी मामला" नहीं है। घर में हिंसा एक गंभीर अपराध है।
- जो भी अपने साथी के साथ हिंसा करता है, उस पर मुक़दमा चलाया जा सकता है, चाहे हिंसा करने वाला पुरुष हो या महिला, और चाहे जोड़ा शादीशुदा हो या साथ रहता हो।
- जो पुरुष किसी महिला को यौन संबंध के लिए मजबूर करता है, उस पर बलात्कार (rape) का आरोप लगाया जा सकता है, और इसमें उसका पति भी शामिल है।
अगर आप घरेलू हिंसा झेल रहे हैं, तो जितनी जल्दी मदद लें, उतना अच्छा। कोई सॉलिसिटर (solicitor, एक तरह का वकील) या सिटिज़न्स एडवाइस आपको आपके विकल्प समझा सकते हैं। कुछ इलाक़ों में रहने के लिए सुरक्षित जगहें हैं, जिन्हें रिफ़्यूज (refuges) या शेल्टर (shelters) कहते हैं।
एक मुफ़्त फ़ोन नंबर भी है: राष्ट्रीय घरेलू हिंसा मुफ़्त हेल्पलाइन (National Domestic Violence Freephone Helpline), नंबर 0808 2000 247। यह दिन-रात खुली रहती है, और अगर कॉल न लगे तो इसकी वॉइसमेल (voicemail) पर आप संदेश छोड़ सकते हैं; हेल्पलाइन की एक वेबसाइट भी है। एक और जगह जहाँ आप देख सकते हैं, वह है चैरिटी संस्था विमेन्स एड (Women's Aid) की वेबसाइट। और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को फ़ोन करें। वे भी आपको रहने के लिए कोई सुरक्षित जगह ढूँढने में मदद कर सकते हैं।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE? In the UK, a married man who forces his wife to have sex can be charged with rape.
प्रश्न हिंदी में
नीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: ब्रिटेन में, जो शादीशुदा पुरुष अपनी पत्नी को यौन संबंध के लिए मजबूर करता है, उस पर बलात्कार का आरोप लगाया जा सकता है।सही। शादीशुदा होने से किसी को यह अधिकार नहीं मिल जाता कि वह अपने साथी को यौन संबंध के लिए मजबूर करे। ब्रिटेन के क़ानून के तहत, जो भी पुरुष किसी महिला को यौन संबंध के लिए मजबूर करता है, उस पर बलात्कार का आरोप लगाया जा सकता है, और इसमें उसका पति भी शामिल है।
क्विज़
Is the statement below TRUE or FALSE? In the UK, violence towards a partner is only a crime if the couple are married.
प्रश्न हिंदी में
नीचे दिया गया कथन सही (TRUE) है या ग़लत (FALSE)? कथन: ब्रिटेन में साथी के साथ हिंसा तभी अपराध है जब जोड़ा शादीशुदा हो।ग़लत। जोड़ा शादीशुदा हो या साथ रहता हो, और हिंसा करने वाला साथी पुरुष हो या महिला, जो भी अपने साथी के साथ हिंसा करता है उस पर मुक़दमा चलाया जा सकता है।